शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे: यूपी का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
अरे भाईया, सुनो ना! यूपी में एक नया बड़ा expressway project आने वाला है जो पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़कर पूरे राज्य की तस्वीर बदल सकता है। NHAI ने शामली-गोरखपुर greenfield expressway के लिए land acquisition की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह खबर उन सभी किसान भाइयों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए खास है जो लंबी दूरी की यात्रा में समय और पैसा दोनों बचाना चाहते हैं।
अरे वाह रे वाह, 742 किलोमीटर लंबा यह expressway corridor उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में सबसे बड़ा सड़क प्रोजेक्ट साबित होने वाला है। NHAI ने इसकी detailed project report तैयार कर ली है और अब land acquisition की आधिकारिक प्रक्रिया 17 जिलों में शुरू हो चुकी है। करीब 40 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे हरियाणा बॉर्डर से शुरू होकर बिहार सीमा तक जाएगा।
सुनो ना, यह सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि पश्चिमी यूपी को पूर्वांचल से जोड़ने वाला आर्थिक पुल बनेगा। पानीपत से आने वाले वाहन शामली के रास्ते इसमें प्रवेश करेंगे और कुशीनगर के पास बिहार की ओर निकल सकेंगे। नेपाल बॉर्डर के करीब से गुजरने वाला यह रूट सीमावर्ती व्यापार को भी नई रफ्तार देगा। अधिकारी बताते हैं कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला तो 2030 तक वाहन इस पर दौड़ने लग सकते हैं।
shamli gorakhpur expressway route map 2026

Land Acquisition शुरू, प्रभावित गांवों की Village List कैसे जानें
Land acquisition की प्रक्रिया शुरू होते ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि हमारे गांव का नाम village list में आया है या नहीं। अभी पूरी consolidated village list PDF एक जगह उपलब्ध नहीं है क्योंकि प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। जिला प्रशासन Section 3-A notification जारी कर रहा है और उसके बाद affected villages की Gata Khasra list प्रकाशित की जाएगी।
कुछ जिलों में पहले से सूचनाएं आ रही हैं। उदाहरण के लिए बरेली के नवाबगंज और बहेरी तहसील में करीब 68 गांव प्रभावित हो सकते हैं, जबकि पीलीभीत में 41 गांवों की partial list चर्चा में है। अरे भाईया, अगर आपका गांव शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर या बरेली जैसे इलाकों में है तो तुरंत अपने जिला कलेक्टर कार्यालय या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें। compensation process शुरू होने से पहले अपनी जमीन के दस्तावेज तैयार रखें।
Gorakhpur Shamli Expressway village list
गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे गांव सूची 2026 – प्रभावित गांवों के नाम (जिला-वार)
गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे गांव सूची की जानकारी जानने वाले यूपी के किसानों, भूमि मालिकों और आम लोगों के लिए जरूरी अपडेट यह है कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (700-750 किमी लंबा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट) पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला सबसे बड़ा इंफ्रा प्रोजेक्ट बनने जा रहा है, जो 22 जिलों और 37 तहसीलों से गुजरेगा। अभी इसकी पूरी केंद्रीय गांव सूची एक जगह उपलब्ध नहीं है क्योंकि भूमि अधिग्रहण और सर्वे जिला-वार चरणबद्ध तरीके से हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया (फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स) पर लोग जिला-वार प्रभावित गांवों की लिस्ट शेयर कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, पीलीभीत में 41 गांव, बरेली में 68 गांव, बहराइच में 25 गांव समेत कई जिलों के सैकड़ों गांव प्रभावित होंगे। नीचे प्रमुख जिलों की उपलब्ध गांव सूची दी गई है:
पीलीभीत जिले के 41 प्रभावित गांव (बिसालपुर व बिलसंडा तहसील)
| क्र.सं. | गांव का नाम | तहसील/क्षेत्र | क्र.सं. | गांव का नाम | तहसील/क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | Amra Karorh | Bisalpur | 22 | Kharua | Bilsanda |
| 2 | Baugul | Bisalpur | 23 | Lalitpur | Bilsanda |
| 3 | Barkheda | Bisalpur | 24 | Laxmipur | Bilsanda |
| 4 | Bhilaiya | Bisalpur | 25 | Madhiya | Bilsanda |
| 5 | Bilsanda (Rural) | Bilsanda | 26 | Magrasa | Bilsanda |
| 6 | Chandupur | Bisalpur | 27 | Mahewaganj | Bilsanda |
| 7 | Dahgala | Bisalpur | 28 | Mundia Kurmi | Bilsanda |
| 8 | Deoria | Bilsanda | 29 | Nagariya | Bilsanda |
| 9 | Dhakia | Bilsanda | 30 | Paiyata | Bilsanda |
| 10 | Dundpun | Bilsanda | 31 | Piparia | Bilsanda |
| 11 | Gajauli | Bilsanda | 32 | Rajpur | Bisalpur |
| 12 | Gularia | Bilsanda | 33 | Rampur | Bilsanda |
| 13 | Intgaon | Bilsanda | 34 | Rasulpur | Bilsanda |
| 14 | Jagdishpur | Bilsanda | 35 | Sadhwara | Bilsanda |
| 15 | Jaitpur | Bisalpur | 36 | Sahgawan | Bilsanda |
| 16 | Jasai Nagar | Bilsanda | 37 | Semra | Bilsanda |
| 17 | Kalyanpur | Bilsanda | 38 | Shahpura | Bilsanda |
| 18 | Kanepur | Bilsanda | 39 | Simra | Bilsanda |
| 19 | Karanpur | Bilsanda | 40 | Tanda | Bilsanda |
| 20 | Karkheda | Bilsanda | 41 | Udaipur | Bilsanda |
| 21 | Khamariya | Bilsanda |
shamli gorakhpur expressway affected districts map

बरेली जिले के 68 प्रभावित गांव
नवाबगंज तहसील (34 गांव): इनायतपुर, धौरेरा, गजरौला, सतुइया खुर्द, जिगनिया भगवंतपुर, नवदिया कस्याव, खाता, अभयराजपुर, खतौआ, बरखन, अधकटा रव्वानी बेगम, ढकिया वर्कलीसहाब, तिगरी, डंडिया सफदरअली, सिठौरा, नवदिया मोतीराम, नकटी नरायनपुर, बिहारीपुर पीतमराम, सिलरा, नौगवां भगवंतपुर, मुड़िया मलूकपुर, जरपामोहनपुर, बबूरा बबूरी, नवादा इकरामुल्ला, धनौर जागीर, हथेली, गेला टांडा, त्यार जागीर, तुमड़िया, लावाखेड़ा बद्रीप्रसाद, मुडिया तेली।
बहेड़ी तहसील (34 गांव): कनकपुरी, भउंटा, पंडारी, परेवा, भाकावा, मधुकारपुर, मवई काला, कंचनपुर, पंडेरा, सिसई, शरीफ नगर, शाहपुर, इटौआ, चंदपुर चुबाकिया, गोपालपुर, गुलरिया मोहम्मद हुसैन, करनपुर, मोहनपुर, रामपुरा, मंगदपुर, बैकरनंदा, बैकर शाहपुर, भुदवा, बसंत नगर जागीर, रहपुरा गनीमत, खमरिया गोपा डांडी, पैगा, जमुनिया, अटरिया, माधवपुर।
नोट: बहराइच (महसी तहसील) के 25 गांव, बलरामपुर और अन्य जिलों की सूचियां भी धीरे-धीरे जारी हो रही हैं। पूरा लिस्ट अभी चरणबद्ध रूप से आ रहा है।
18 जिलों के किसान और स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
यह expressway project 18 जिलों से होकर गुजरेगा। पश्चिमी हिस्से में शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं। पूर्वी हिस्से में लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीर नगर, गोरखपुर और कुशीनगर जैसे जिले आएंगे।
सुनो ना बहनजी, land acquisition से कुछ किसानों की जमीन जाएगी लेकिन साथ ही नए रोजगार, छोटे व्यवसाय और बेहतर कनेक्टिविटी के अवसर भी खुलेंगे। NHAI और राज्य सरकार का दावा है कि compensation amount बाजार दर से ज्यादा और समय पर दिया जाएगा। Section 3-D लागू होने के बाद जमीन केंद्र सरकार के नाम हो जाएगी, लेकिन किसान भाइयों को आपत्ति दर्ज कराने का पूरा मौका मिलेगा। विकास और किसान हितों में संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
एक्सप्रेसवे की खासियतें और 2030 तक पूरा होने का प्लान
यह greenfield expressway मुख्य रूप से 4 लेन का होगा जबकि बड़े पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज 6 लेन स्टैंडर्ड पर बनाए जाएंगे। रास्ते में प्रमुख कस्बों के लिए एग्जिट रैंप भी बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आसानी हो। प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा गया है — पश्चिमी 348 किमी NHAI वेस्ट रीजन संभालेगा और पूर्वी 394 किमी NHAI ईस्ट रीजन।
अधिकारी कहते हैं कि अगर land acquisition और निर्माण कार्य तय समय पर पूरा हुआ तो 2030 तक यह एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खुल सकता है। भविष्य में इसे बिहार होते हुए सिलीगुड़ी तक विस्तार देने की भी योजना है। आधुनिक डिजाइन, बेहतर ड्रेनेज और सुरक्षा मानकों के साथ यह कॉरिडोर लंबी दूरी की यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने वाला है।
उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देगा यह एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट
यह economic corridor सिर्फ सड़क बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर regional connectivity से उद्योग, पर्यटन, कृषि उत्पादों का तेज परिवहन और छोटे व्यापारियों को नया बाजार मिलेगा। पश्चिमी यूपी के किसान अपने उत्पाद पूर्वी बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे और पूर्वांचल के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
अरे वाह, जब हरियाणा, बिहार और नेपाल की ओर जाने वाला ट्रैफिक इस रूट पर आएगा तो स्थानीय होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप और सर्विस एरिया भी फलेंगे-फूलेंगे। यह प्रोजेक्ट यूपी को देश के सबसे मजबूत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्यों में और आगे ले जाएगा। लेकिन याद रखना, असली सफलता तभी मिलेगी जब किसान भाइयों को उचित मुआवजा मिले और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाए।
निष्कर्ष
सुनो ना, शामली-गोरखपुर expressway project यूपी के लिए एक बड़ा सपना है जो regional connectivity को मजबूत करेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। Land acquisition और compensation process को पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से पूरा करना सबसे जरूरी है ताकि विकास का फायदा आम आदमी तक पहुंचे। यह प्रोजेक्ट हमें सोचने पर मजबूर करता है — क्या हम ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकते हैं जो किसानों के हितों की रक्षा करते हुए पूरे राज्य को आगे ले जाए? समय बताएगा, लेकिन उम्मीदें बहुत हैं।
FAQs
Gorakhpur Shamli Expressway village list PDF कैसे डाउनलोड करें?
अभी पूरी consolidated village list PDF उपलब्ध नहीं है क्योंकि land acquisition प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। District wise Gata Khasra list जिला कलेक्टर कार्यालय या NHAI वेबसाइट पर जारी की जा रही है। कुछ जिलों (जैसे बरेली, पीलीभीत) की partial lists समाचारों में आई हैं। आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें।
Shamli Gorakhpur expressway affected villages की सूची कहाँ मिलेगी?
प्रभावित गांवों की सूची Section 3-A notification के बाद जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित की जाएगी। अपने जिले के कलेक्टर कार्यालय, तहसील या NHAI पोर्टल चेक करें। अभी पूर्ण list एक जगह उपलब्ध नहीं है।
Gorakhpur shamli expressway map in hindi PDF डाउनलोड कहाँ से करें?
विस्तृत route map अभी आधिकारिक तौर पर पूर्ण रूप में जारी नहीं हुआ है। conceptual route maps समाचार वेबसाइट्स पर उपलब्ध हैं। आधिकारिक detailed map NHAI या UP PWD की वेबसाइट पर बाद में आएगा।
इस एक्सप्रेसवे से कौन-कौन से जिले प्रभावित होंगे?
कुल 18 जिलों से गुजरेगा — शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीर नगर, गोरखपुर और कुशीनगर आदि।
Land acquisition के बाद किसानों को compensation कब मिलेगा?
Section 3-D लागू होने के बाद compensation प्रक्रिया शुरू होगी। बाजार दर से अधिक मुआवजा और समय पर भुगतान का आश्वासन है। आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अधिकार रहेगा।
Shamli Gorakhpur Expressway कब तक पूरा हो जाएगा?
अधिकारियों के अनुसार 2030 तक वाहनों के लिए खुलने की संभावना है, बशर्ते land acquisition और निर्माण कार्य समय पर पूरा हो।
क्या यह expressway 6 lane होगा?
मुख्य मार्ग 4 lane का होगा जबकि बड़े पुल, फ्लाईओवर और ROB 6 lane स्टैंडर्ड पर बनाए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट से व्यापार और पर्यटन को क्या फायदा होगा?
बेहतर regional connectivity से कृषि उत्पाद, पर्यटन और छोटे उद्योगों को नया बाजार मिलेगा। नेपाल और बिहार ट्रैफिक भी बढ़ेगा।
Village list में अपना गांव कैसे चेक करें?
जिला कलेक्टर की वेबसाइट, तहसील कार्यालय या NHAI की land acquisition सूचनाएं चेक करें। Section 3-A notification आने के बाद आसानी से पता चल जाएगा।
NHAI की official website पर इस expressway की जानकारी कहाँ मिलेगी?
NHAI की आधिकारिक वेबसाइट (nhai.gov.in) पर projects सेक्शन में Shamli-Gorakhpur Expressway की latest updates और notifications उपलब्ध होंगी।
क्या affected areas में land transactions पर रोक लग गई है?
हां, कई जिलों (शामली, बिजनौर आदि) में proposed route पर land registry पर अस्थायी रोक लगा दी गई है ताकि land acquisition सुचारू रूप से हो सके।
Gorakhpur Shamli Expressway से Nepal और Bihar को कैसे फायदा?
रूट भारत-नेपाल सीमा के करीब से गुजरेगा, जिससे सीमावर्ती व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बिहार के पश्चिम चंपारण तक आसान पहुंच बनेगी।
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